प्रदोष व्रत 2026
PRADOSH VRAT 2026 • ALL DATES
SHIVA VRAT • TRAYODASHI
प्रत्येक माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है। 2026 में 24 प्रदोष व्रत हैं।
कुल
24 प्रदोष
शिव
आराध्य देव
समय
प्रदोष काल
फल
मनोकामना
सोम प्रदोष
सोमवार
सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मोक्ष प्राप्ति का विशेष योग।
भौम प्रदोष
मंगलवार
ऋण से मुक्ति, रोग निवारण, शत्रु पर विजय।
शनि प्रदोष
शनिवार
साढ़ेसाती, शनि दोष निवारण। संतान सुख।
सौम्य प्रदोष
बुधवार
बुद्धि, व्यापार सफलता, ऋण मुक्ति।
गुरु प्रदोष
गुरुवार
धन-संपत्ति, शिक्षा, संतान सुख।
12 जनवरी
शुक्ल पक्ष
सोमवार — सोम प्रदोष
⭐ सोम प्रदोष विशेष
27 जनवरी
कृष्ण पक्ष
मंगलवार — भौम प्रदोष
⭐ भौम प्रदोष
11 फरवरी
शुक्ल पक्ष
बुधवार — सौम्य प्रदोष
25 फरवरी
कृष्ण पक्ष
बुधवार — सौम्य प्रदोष
12 मार्च
शुक्ल पक्ष
गुरुवार — गुरु प्रदोष
27 मार्च
कृष्ण पक्ष
शुक्रवार — शुक्र प्रदोष
11 अप्रैल
शुक्ल पक्ष
शनिवार — शनि प्रदोष
⭐ शनि प्रदोष
25 अप्रैल
कृष्ण पक्ष
शनिवार — शनि प्रदोष
⭐ शनि प्रदोष
10 मई
शुक्ल पक्ष
रविवार — भानु प्रदोष
25 मई
कृष्ण पक्ष
सोमवार — सोम प्रदोष
⭐ सोम प्रदोष
9 जून
शुक्ल पक्ष
मंगलवार — भौम प्रदोष
⭐ भौम प्रदोष
23 जून
कृष्ण पक्ष
मंगलवार — भौम प्रदोष
⭐ भौम प्रदोष
8 जुलाई
शुक्ल पक्ष
बुधवार — सौम्य प्रदोष
23 जुलाई
कृष्ण पक्ष
गुरुवार — गुरु प्रदोष
7 अगस्त
शुक्ल पक्ष
शुक्रवार — शुक्र प्रदोष
22 अगस्त
कृष्ण पक्ष
शनिवार — शनि प्रदोष
⭐ शनि प्रदोष
5 सितंबर
शुक्ल पक्ष
शनिवार — शनि प्रदोष
⭐ शनि प्रदोष
20 सितंबर
कृष्ण पक्ष
रविवार — भानु प्रदोष
5 अक्टूबर
शुक्ल पक्ष
सोमवार — सोम प्रदोष
⭐ सोम प्रदोष
19 अक्टूबर
कृष्ण पक्ष
सोमवार — सोम प्रदोष
⭐ सोम प्रदोष
3 नवंबर
शुक्ल पक्ष
मंगलवार — भौम प्रदोष
⭐ भौम प्रदोष
18 नवंबर
कृष्ण पक्ष
बुधवार — सौम्य प्रदोष
3 दिसंबर
शुक्ल पक्ष
गुरुवार — गुरु प्रदोष
17 दिसंबर
कृष्ण पक्ष
गुरुवार — गुरु प्रदोष
* तिथियाँ अनुमानित हैं। पंचांग से सत्यापित करें।
प्रदोष काल क्या होता है?
त्रयोदशी तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद और रात्रि के प्रारंभ से पहले की अवधि (लगभग 1.5-2 घंटे) को प्रदोष काल कहते हैं। इसी समय शिव पूजा करने से प्रदोष व्रत सम्पूर्ण होता है।
2026 में सबसे महत्वपूर्ण प्रदोष कौन-सा है?
सोम प्रदोष और भौम प्रदोष विशेष महत्वपूर्ण हैं। शनि प्रदोष पर शनि दोष निवारण होता है। 2026 में जनवरी का सोम प्रदोष (12 जन) और मार्च का भौम प्रदोष (27 मार्च नहीं, अप्रैल) विशेष हैं।
प्रदोष व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
प्रदोष व्रत में अनाज, दाल, मांस, मछली, अंडा, शराब वर्जित है। फल, दूध, दही, साबूदाना और सिंघाड़े का आटा खा सकते हैं।
प्रदोष व्रत का पारण कब करें?
प्रदोष काल (सूर्यास्त के लगभग 1.5 घंटे) के बाद पूजा पूर्ण होने पर पारण करें। प्रसाद ग्रहण करें और दूसरों को भी दें।
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