लक्ष्मी पूजा विधि
LAKSHMI PUJA VIDHI • STEP BY STEP
नीचे घर पर पूजा की सामग्री, आठ चरणों की विधि, मंत्र और आरती का क्रम दिया है। किसी फल की गारंटी नहीं है; दीपक सुरक्षित स्थान पर रखें।
लक्ष्मी माता का चित्र या मूर्ति, फूल, लाल वस्त्र, हल्दी-कुमकुम, चंदन, प्रसाद और दीपक तैयार रखें। विस्तृत सूची नीचे है।
पूजा स्थल साफ करें, गणेश पूजन करें, फिर लक्ष्मी पूजन, पाठ, आरती और प्रसाद का क्रम रखें। नीचे प्रत्येक चरण पढ़ सकते हैं।
नीचे मूल मंत्र, श्री मंत्र और लक्ष्मी गायत्री दिए हैं। शांत मन से अपनी सुविधा अनुसार पाठ करें।
शुक्रवार और दीपावली पर लक्ष्मी पूजन की परंपरा है। दीपावली के पूजा समय की पुष्टि अपने शहर के पंचांग से करें।
हाँ, नीचे दिए सरल क्रम और सामग्री से घर पर पूजा कर सकते हैं। विशेष अनुष्ठान के लिए योग्य पुरोहित से सलाह लें।
✓ लक्ष्मी माता की मूर्ति/चित्र
✓ कमल के फूल (ताजे/कृत्रिम)
✓ लाल वस्त्र
✓ हल्दी और कुमकुम
✓ कौड़ियाँ (7 या 11)
✓ श्री यंत्र (वैकल्पिक)
✓ खीर और मिठाई
✓ घी का दीपक
✓ अगरबत्ती (खुशबूदार)
✓ कमलगट्टा माला
✓ चांदी/तांबे का सिक्का
✓ नारियल
✓ पीले-गुलाबी फूल
✓ चंदन
✓ केसर
मूल मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
उपयोग: सभी पूजा में — धन लाभ के लिए
श्री मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
उपयोग: विशेष अनुष्ठान और समृद्धि के लिए
कनकधारा मंत्र
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
उपयोग: धन की वर्षा के लिए — विशेष शुक्रवार को
लक्ष्मी गायत्री
ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
उपयोग: ध्यान और एकाग्रता के लिए
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