2026 में विवाह करने वाले जोड़ों के लिए यहाँ महीनेवार शुभ मुहूर्त की पूरी सूची दी गई है। ये मुहूर्त पंचांग, ग्रह-स्थिति, नक्षत्र और लग्न के आधार पर निर्धारित किए गए हैं। अपनी कुंडली के अनुसार सटीक मुहूर्त के लिए AI आचार्य से परामर्श लें।
🌟 2026 का विवाह मुहूर्त कैलेंडर
2026 में गुरु (बृहस्पति) जनवरी-मई में मिथुन राशि में और जून से वृश्चिक में रहेंगे। शुक्र का अस्त काल मुहूर्त चयन में ध्यान देने योग्य है। कुल ~58 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं।
जनवरी 2026 — शुभ विवाह तिथि
16
द्वादशी — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सूर्योदय 8:30 बजे से
17
त्रयोदशी — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन लग्न — दोपहर 11 बजे से
19
पंचमी — पुनर्वसु नक्षत्र
कर्क लग्न — सांय 6 बजे तक
22
सप्तमी — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न — प्रातः 7 बजे से
23
अष्टमी — चित्रा नक्षत्र
तुला लग्न — दोपहर 12 बजे से
24
नवमी — स्वाती नक्षत्र
तुला-वृश्चिक लग्न
25
दशमी — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न — शाम 4 बजे तक
30
द्वितीया — उत्तराभाद्रपद
मकर-कुंभ लग्न
फरवरी 2026 — शुभ विवाह तिथि
5
सप्तमी — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सुबह 9 बजे से
6
अष्टमी — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन लग्न — दोपहर 11 बजे से
9
एकादशी — मघा नक्षत्र (2-4 पाद)
सिंह लग्न — शाम 5 बजे तक
12
त्रयोदशी — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न
13
द्वादशी — चित्रा नक्षत्र
तुला लग्न — दोपहर 1 बजे से
14
त्रयोदशी — स्वाती नक्षत्र
तुला लग्न — सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक
19
तृतीया — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
मकर लग्न
23
सप्तमी — उत्तराभाद्रपद
मीन लग्न — रात 9 बजे तक
24
अष्टमी — रेवती नक्षत्र
मीन-मेष लग्न
मार्च 2026 — शुभ विवाह तिथि
2
द्वादशी — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सुबह 10 बजे से
5
द्वितीया — उत्तरा फाल्गुनी
कन्या लग्न — दोपहर 2 बजे तक
6
तृतीया — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न — प्रातः 7 बजे से
7
चतुर्थी — स्वाती नक्षत्र
तुला लग्न
9
षष्ठी — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न — शाम 4 बजे तक
13
दशमी — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
मकर लग्न
14
एकादशी — उत्तराभाद्रपद
मीन लग्न — रात 8 बजे तक
अप्रैल 2026 — विशेष मुहूर्त
17
दशमी — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सुबह 8 बजे से
20
त्रयोदशी — उत्तरा फाल्गुनी
कन्या लग्न — दोपहर 12 बजे से
22
अक्षय तृतीया स्वयंसिद्ध मुहूर्त
संपूर्ण दिन शुभ — किसी पंचांग की आवश्यकता नहीं
24
सप्तमी — स्वाती नक्षत्र
तुला लग्न — शाम 6 बजे तक
26
नवमी — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न
27
दशमी — ज्येष्ठा नक्षत्र
वृश्चिक-धनु लग्न
30
त्रयोदशी — उत्तराषाढ़ा
मकर लग्न
मई 2026 — शुभ विवाह तिथि
1
पूर्णिमा के पूर्व त्रयोदशी — रोहिणी
वृषभ लग्न — रात 9 बजे तक
4
तृतीया — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन लग्न
7
षष्ठी — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न — दोपहर 1 बजे से
8
सप्तमी — उत्तरा फाल्गुनी
कन्या-तुला लग्न
11
दशमी — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न — शाम 5 बजे तक
14
त्रयोदशी — उत्तराषाढ़ा
मकर लग्न
18
तृतीया — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सुबह 7 बजे से
21
षष्ठी — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न
🚫 जून — सितंबर 2026: विवाह से बचें
जून से सितंबर तक चातुर्मास (देव शयन) रहता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। देव उठनी एकादशी (अक्टूबर/नवंबर) के बाद ही शादी के मुहूर्त शुरू होते हैं।
नवंबर 2026 — शुभ विवाह तिथि
22
देव उठनी एकादशी के बाद — रोहिणी
वृषभ लग्न — सुबह 9 बजे से पहला मुहूर्त
24
त्रयोदशी — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन लग्न
25
चतुर्दशी — पुनर्वसु नक्षत्र
कर्क लग्न — शाम 6 बजे तक
26
पूर्णिमा (आंशिक) — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न
28
द्वितीया — स्वाती नक्षत्र
तुला लग्न — दोपहर 12 बजे से
29
तृतीया — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न
दिसंबर 2026 — शुभ विवाह तिथि
4
पंचमी — रोहिणी नक्षत्र
वृषभ लग्न — सुबह 8:30 बजे से
5
षष्ठी — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन लग्न — दोपहर 11 बजे से
6
सप्तमी — मृगशिरा नक्षत्र
मिथुन-कर्क लग्न
8
नवमी — उत्तरा फाल्गुनी
कन्या लग्न — शाम 5 बजे तक
9
दशमी — हस्त नक्षत्र
कन्या लग्न — सुबह 7 बजे से
10
एकादशी — स्वाती नक्षत्र
तुला लग्न
13
त्रयोदशी — अनुराधा नक्षत्र
वृश्चिक लग्न — शाम 4 बजे तक
14
द्वादशी — उत्तराषाढ़ा
मकर लग्न
विवाह के लिए शुभ नक्षत्र कौन से हैं?
वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए 10 नक्षत्र श्रेष्ठ माने जाते हैं:
रोहिणीप्रेम और सौन्दर्य का नक्षत्र
मृगशिराकोमलता और सौहार्द
मघाराजसी, सम्मान — 1 पाद छोड़ें
उत्तरा फाल्गुनीस्थायी सुख का कारक
हस्तकुशलता और चतुरता
स्वातीस्वतंत्रता और समृद्धि
अनुराधामित्रता और सामंजस्य
उत्तराषाढ़ाविजयी और दीर्घजीवी
उत्तराभाद्रपदगहरी समझ और बंधन
रेवतीसौम्य, पोषण, सम्पन्नता
शुभ लग्न — विवाह के लिए
- वृषभ लग्न — सर्वश्रेष्ठ। शुक्र का स्वयं का घर। सौभाग्य और सुख।
- मिथुन लग्न — बुद्धिमान दम्पती, मित्रता भरा विवाह।
- कर्क लग्न — पारिवारिक सुख, माँ का आशीर्वाद।
- कन्या लग्न — व्यवस्थित गृहस्थी, करियर में सफलता।
- तुला लग्न — प्रेम और संतुलन, वैवाहिक सुख।
- मकर लग्न — दीर्घजीवी विवाह, धन-सम्पत्ति की वृद्धि।
- मीन लग्न — आध्यात्मिक बंधन, पारस्परिक सम्मान।
विवाह मुहूर्त से पहले क्या देखें?
- दोनों की कुंडली का गुण मिलान (अष्टकूट — कम से कम 18 गुण)
- मांगलिक दोष है तो मंगल शांति पूजा और मंगलिक से विवाह
- पंचम और सप्तम भाव के ग्रहों की अनुकूलता जाँचें
- विवाह में भद्रा, राहुकाल, और अमावस्या का समय टालें
- स्थानीय पंडित से लगन-पत्रिका बनवाएं
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में अक्षय तृतीया कब है?
2026 में अक्षय तृतीया 22 अप्रैल को है। यह स्वयंसिद्ध मुहूर्त है — किसी भी शुभ कार्य के लिए इस दिन पंचांग की आवश्यकता नहीं।
2026 में कौन सा महीना विवाह के लिए सबसे शुभ है?
जनवरी, फरवरी और मई 2026 में सबसे अधिक और उत्तम मुहूर्त हैं। अप्रैल में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। नवंबर-दिसंबर में भी अच्छे मुहूर्त हैं।
गुरु अस्त में विवाह क्यों नहीं होता?
गुरु (बृहस्पति) विवाह और संतान का कारक है। इसके अस्त काल में विवाह में बाधाएं या वैवाहिक कलह की संभावना बढ़ती है। 2026 में मार्च के अंत से अप्रैल के प्रारंभ तक गुरु अस्त रहेंगे।
क्या 2026 में court marriage के लिए भी मुहूर्त देखा जाता है?
कोर्ट मैरिज के लिए भी शुभ तिथि देखी जा सकती है। विशेषकर सप्तमी, दशमी, द्वादशी और पूर्णिमा की तिथियाँ शुभ मानी जाती हैं।
विवाह मुहूर्त में लग्न का महत्व क्या है?
लग्न वह समय है जब विवाह की मुख्य विधि होती है। शुभ लग्न में विवाह करने से वैवाहिक जीवन में सुख, संतान और समृद्धि की प्राप्ति होती है। वृषभ और कन्या लग्न विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।