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नवग्रह पूजा विधि
घर पर करें — फल पाएं

नौ ग्रहों की शांति · सामग्री · मंत्र · चरण-दर-चरण विधि

वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रह — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु — हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। जब कोई ग्रह कमजोर हो, अशुभ स्थान में हो, या दशा प्रतिकूल हो — तब नवग्रह पूजा करने से ग्रहों की शांति होती है और जीवन में बाधाएं कम होती हैं।

नौ ग्रह — देवता, मंत्र और दिन
☀️सूर्यरविवार
ॐ सूर्याय नमः
रंग: लाल · रत्न: माणिक्य
🌙चंद्रसोमवार
ॐ चंद्रमसे नमः
रंग: सफेद · रत्न: मोती
🔴मंगलमंगलवार
ॐ भौमाय नमः
रंग: लाल · रत्न: मूंगा
💚बुधबुधवार
ॐ बुधाय नमः
रंग: हरा · रत्न: पन्ना
💛बृहस्पतिगुरुवार
ॐ गुरवे नमः
रंग: पीला · रत्न: पुखराज
🌸शुक्रशुक्रवार
ॐ शुक्राय नमः
रंग: सफेद · रत्न: हीरा
शनिशनिवार
ॐ शनिचराय नमः
रंग: काला · रत्न: नीलम
🌑राहुशनि/बुध
ॐ रां राहवे नमः
रंग: धूम्र · रत्न: गोमेद
🌒केतुमंगल/गुरु
ॐ कें केतवे नमः
रंग: बहुरंगी · रत्न: लहसुनिया
पूजा सामग्री
नवग्रह पूजा के लिए आवश्यक सामान
🌸 नौ प्रकार के फूल
🌿 नौ प्रकार की पत्तियाँ
🍚 नौ अनाज
🪔 नौ दीपक
🧵 नौ रंग के धागे
🫚 सरसों और घी
📿 चंदन और रोली
🌾 हवन सामग्री
🥭 नौ फल
💧 गंगाजल
घर पर नवग्रह पूजा — चरण दर चरण
1
प्रातःकाल स्नान और शुद्धि
सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर के पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
2
संकल्प लें
हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर अपना नाम, गोत्र बोलकर संकल्प करें कि आप ग्रहशांति के लिए नवग्रह पूजा कर रहे हैं।
3
नवग्रह स्थापना
नौ ग्रहों की मूर्ति या यंत्र, या नौ धातुओं को मंडल में स्थापित करें। या उनके नाम लिखे हुए नौ पात्र रखें।
4
प्रत्येक ग्रह की पूजा
सूर्य से प्रारंभ करें। प्रत्येक ग्रह को फूल, अक्षत, चंदन, और उनका प्रिय द्रव्य चढ़ाएं। संबंधित मंत्र का 108 बार जप करें।
5
हवन
अगर हवन कुंड उपलब्ध हो तो प्रत्येक ग्रह के लिए उनकी हवन सामग्री से "स्वाहा" बोलकर 108 आहुतियाँ दें। यह पूर्ण पूजा बनाता है।
6
आरती और प्रसाद
नवग्रह की आरती करें। प्रसाद ग्रहण करें और परिवार में बाँटें। ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा देना विशेष फलकारी है।
नवग्रह पूजा के लाभ

ग्रह दशा की पीड़ा में शांति मिलती है
करियर और व्यापार में उन्नति होती है
स्वास्थ्य में सुधार और दीर्घायु प्राप्ति
विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है
पितृ दोष का शमन होता है

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नवग्रह पूजा कब करनी चाहिए?
नवग्रह पूजा रविवार को करना शुभ माना जाता है। विशेष अवसर पर — नई परियोजना शुरू करते समय, विवाह से पहले, या जब ग्रह दशा प्रतिकूल हो — तब की जाती है।
क्या नवग्रह पूजा घर पर हो सकती है?
हाँ, नवग्रह पूजा घर पर भी की जा सकती है। सरल विधि से स्वयं कर सकते हैं। संपूर्ण लाभ के लिए किसी विद्वान ब्राह्मण से करवाना उत्तम है।
नवग्रह पूजा का फल कब मिलता है?
नवग्रह पूजा का फल आमतौर पर 40 दिन से 3 महीने में दिखने लगता है। नियमित रूप से हर मास करने पर स्थायी लाभ मिलता है।
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